



























भूमिपुत्र में रविकिशन नौकरी की तलाश में बिहार से मुंबई आते हैं और यहाँ वोट की राजनिति से उनका वास्ता होता है। निर्देशक हैरी फ़र्नान्डिस के अनुसार भूमिपुत्र में भूमिपुत्र शव्द की सही परिभाषा बताई गई है। हैरी के अनुसार भूमिपुत्र को किसी क्षेत्र से जोड़ा जाना ग़लत है क्यूंकि हम लोग भारत के भूमिपुत्र हैं न की किसी राज्य, जिले या किसी गाँव के । रविकिशन ने भूमिपुत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा की मुंबई हमारी कर्मभूमि है , यहाँ की कमाई से हम गाँव में घर बनाते हैं, माता पिता के सपनो को साकार करते हैं, बहन की शादी के लिए पैसे जुटाते हैं इसीलिए हमें अपनी कर्मभूमि से प्यार है। भूमिपुत्र में भी मैंने यही बात कही है यही नही मैंने महाराष्ट्र के लोकप्रिय गान जय जय महाराष्ट्र माझा को भी गाया है।

हमेशा अपना पहिला पसन्द पर काम करे वाला निर्माता जीतेश दूबे के नयकी भोजपुरी फिलिम मुन्नी बाई नौटंकी वाली अब जल्दिये रिलीज होखेवाली बा. एह फिलिम का बारे में कहल जा रहल बा कि ई अपना वितरकन खातिर जैकपॉट साबित होखी. एह फिलिम के सगरी टेरिटरी, वितरण क्षेत्र, अपना हाइयेस्ट दाम पर बिक चुकल बा. एहसे निर्माता जीतेश दूबे गजब उत्साह में बाड़े. जीतेश दूबे एकरा पहिले सुपर डुपर हिट फिलिम धर्मवीर बना चुकल बाड़े आ एकहालि फेर से देखनिहारन के दिल जीते का तइयारी में बाड़े.
मुन्नी बाई नौटंकीवाली के निर्देशन बाली कइले बाड़े. मुन्नी बाई का किरदार में बाड़ी भोजपुरी के शानदार नायिका रानी चटर्जी. पूरा फिल्मी दुनिया के निगाह लागल बा एह फिलिम पर आ सबके उमेद बा कि ई फिल्म सफलता के नया रिकार्ड बनाई. जीतेश दूबे से भइल बातचीत में ऊ कहलें कि धर्मवीर का बाद तय कर लिहलें कि एगो लीक से हट के फिल्म बनावे के बा आ भोजपुरीया दर्शकन के ध्यान में राख के मुन्नीबाई नौटंकीवाली बनावल शुरु कइलें. कहलन कि ई उनकर ड्रीम प्रोजेक्ट बन गइल आ एकरा खातिर ऊ रातदिन एक कर दिहले रहले. नौटंकी वाली लड़कियन के कहानी सुन के ऊ रो दिहले रहलें आ फिलिम में उहे सब देखावे के कोशिश कइलें जवन वास्तिवक जिनिगी में हो रहल बा.
मुख्य किरदार खातिर रानी चटर्जी उनकर पहिलका पसन्द रहली. आ दूसरका कवनो पसन्द के गुंजाइशे ना रहुवे. जीतेश दूबे कहलन कि धर्मवीर स उनका पहचान मिलल आ अब मुन्नी बाई देख के दर्शक उनका के माथ पर उठा लिहन.
फिलिम का निर्मान से पहिले वास्तविक नौटंकी करे वाली लड़कियन से बात कइल गइल, ओकनी के जिनिगी के नजदीक से देखल सुनल गइल, गां देहात में शामियाना टेंट लगावे वालन से बात भइल आ नौटंकी चलावे वाला लोगन से जानल गइल कि सांच का हऽ. तब एह फिलिम के निर्माण शुरु भइल. एह पूरा रिसर्च खातिर फिल्म के निर्देशक बाली का देखरेख में एगो टीम बनल रहे. कलाकारन के चुनाव, संगीत इ कास्ट्यूम के चुनाव पर कवनो समझौता ना कइल गइल. बालीओ देखा दिहलन कि ऊ गजब के निर्देशक बाड़े. हम त उनका के लाजवाब निर्देशक कहेम, कहलन जीतेश दूबे.
बाली का साथ साथ फिल्म के पूरा टीम कमाल के काम कइले बा आ अइसनका टीम खातिर हम अपना के खुसकिस्मत मानत बानी, जीतेश बतवलें. बकौल जीतेश दूबे श्याम देहाती के लिखल गीत आ मधुकर आनन्द के संगीत सबके झुमा के राख दीहि. बतवलन कि ई फिलिम हर टेरिटरी में अबले के सबसे बेसी दाम पर बिकाइल बा.
अपना अगिला फिलिम का बारे में बतियावत जीतेश दूबे कहलन कि धर्मवीर के हिट जोड़ी निर्देशक असलम शेख आ सुपरस्टार रविकिशन के लेके तू ही मोर बालमा बनावे जा रहल बाड़े. ओह फिलिम में भोजपुरी के चर्चित अदाकारा मोनालिसा का साथही अभिनेता दीपक दूबे आ बृजेश त्रिपाठी के साईन कर लिहले बाड़न फिल्म के संगीत धनंजय मिश्रा दीहें.

'Bhoomiputra' is about present day politics. Ravi Kishen, who plays the lead role in the film, is a Bihari youth who loves a Marathi girl. The inevitable Bihari Marathi issue crops up in the film. But the film shows that this is vested interest issue and that the people love each other in reality.
The interesting part of the movie is that in this movie Ravi Kishen has played several characters. In some of the scenes, he will be seen as superman and in some scenes, he will be seen dressed as a girl.
Sangeet Bhojpuri interviewed actress Pakhi Hegde who is the heroine in this film. During the interview she said that it was the first time she is playing the role of a Marathi police inspector. She has also talked about how the preparation done for that particular role. Pakhi Hegde describes her memorable moments during the shooting of the film 'Bhoomiputra'.
संगीत भोजपुरी पर अइली खास प्रोग्राम में पाखी हेगडे
भूमिपुत्र आजु का राजनीति पर बा. एह फिलिम के मुख्य किरदार निभावत रवि किशन एगो बिहारी नवजवान का किरदार में बाड़े जेकरा एगो मराठी लड़की से प्यार हो जात बा. ओकरा बाद फिलिम में मराठी बिहारी के विवाद सामने आ जात बा. एह फिलिम में देखावल जात बा कि कइसे अपना मतलब साधे खातिर कुछ लोग एह विवाद के हवा देत बा जबकि वास्तविकता बा कि बिहारी मराठी एक दोसरा से नेह रखले बाड़े.
फिलिम के सबले बड़ खासियत बा कि रवि किशन एगो बहुआयामी किरदार में बाड़े. कुछ सीन में में त सुपरमैन जइसन लउकिहन जबकि कुछेक में ऊ लड़की का रुप में. संगीत भोजपुरी एह सिलसिला में फिलिम के नायिका पाखी हेगडे से बतियवलस त ऊ कहली कि एह फिलिम में उ पहिलका बेर मराठी पुलिस इन्सपेक्टर का किरदार में आइल बाड़ी. अपना साक्षात्कार में पाखी बतवली कि एह किरदार खातिर का का तइयारी करे के पड़ल.
Bidai is the tragic story of a young bride made to suffer like a widow. If you have not already seen the Bhojpuri Film Bidai,do see it.
This is one of those rare Bhojpuri films which are suitable for family viewing and every viewer of Bidai has words of praise and recommendation for it. Dowry still rules in North India and dowry victimisation is sentimnetally potrayed in this film directed by Aslam Shekh.
The story of the film Bidai is based in a real life torture of a daughter of a poor typist of Bihar who could not fulfill the demands of the occasion of Bidai properly. Mother-in-law and sister-in-law of Sugandha chop off her hairs and send her back to her paternal home so that her father is forced to organise the Bidai as per thier desires. 

The film Bidai is hit in Bihar and is performing likewise in Mumbai too. It is getting a very good response and every viewer says that Bidai is a must-see Bhojpuri film.